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भ्रष्टाचार से लड़ाई

जी-20 सियोल शिखर सम्मेरलन के दौरान, जी-20 ने एक प्रभावी वैश्विरक भ्रष्टाेचार-विरोधी शासन के लिए समान दृष्टियकोण का समर्थन करने की प्रतिबद्धता की, जिसके सिद्धांत संयुक्तप राष्ट्र के भ्रष्टायचार विरोधी सम्मेीलन (यूएनसीएसी) के प्रावधानों में प्रतिष्ठा‍पित किए गए थे; उच्चट प्राथमिकता क्षेत्र जो हमारी अर्थव्येवस्थााओं को प्रभावित करते हैं में कार्रवाई के द्वारा सामूहिक नेतृत्व् का प्रदर्शन करना; और निजी क्षेत्र के हितधारक, जो वैश्विईक व्याूपार के मुख्ये हिस्सेक का प्रतिनिधित्व् करते हैं, अनुकूल व्याहपार माहौल के समर्थन में नवोन्मेिष और सहयोगी प्रचलनों के विकास और कार्यान्व्यन को प्रत्यैक्ष रूप से आकर्षित करना। उस संदर्भ में, जी-20 ने टोरेंटो में, कि जी-20 भ्रष्ट्चार से लड़ने और अनुकरणीय उदाहरण बनने के अंतरराष्ट्री य प्रयासों में व्यसवहारिक और मूल्यतवान योगदान कैसे जारी रख सकता है कोरिया में, नवम्बिर, 2010 में, नेताओं द्वारा विचार-विमर्श के लिए व्याापक सिफारिशें करने के लिए कार्यकारी समूह की स्थांपना करने की सहमति व्यरक्त- की। इस संदर्भ में, नेताओं ने विद्यमान वैश्विसक तंत्र, अर्थात, यूएनसीएसी को तैयार करने और पूरा करने के महत्व को मान्यतता दी, जिसमें अन्य् अंतरराष्ट्री य लिखतों जैसे अंतरराष्ट्रीरय व्या पार लेन-देनों में विदेशी सार्वजनिक अधिकारियों की रिश्वातखोरी का मुकाबला करने पर ओईसीडी सम्मेऔलन और क्षेत्रीय लिखित शामिल हैं।

फ्रांसीसी प्रेसीडेंसी के दौरान नेताओं ने भ्रष्टाेचार का मुकाबला करने, बाजार अखंडता का संवर्धन करने और अनुकूल व्यांपार माहौल बनाने में सहायता करने पर कार्य योजना को कार्यान्विनत करने में की गई महत्वहपूर्ण प्रगति पर बल दिया। उन्हों ने मजबूत अंतरराष्ट्री य विधायी ढांचे के तीव्र कार्यान्वतयन, भ्रष्टा चार और विदेशी रिश्वूतखोरी को रोकने और मुकाबला करने के लिए राष्ट्री य उपायों को अपनाने, भ्रष्टा चार का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्री य सहयोग को मजबूत करने और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच संयुक्तष पहलों के विकास की आवश्यूकता पर जोर दिया।

रूसी प्रेसीडेंसी की मुख्यो प्राथमिकताओं में से एक कुशल और दुराग्रही तरीके से भ्रष्टाेचार से लड़ना है। इस उद्देश्यम को पूरा करने के संबंध में, रूसी प्रेसीडेंसी ने चर्चाओं का सुझाव दिया है जो जी-20 भ्रष्टा चार-विरोधी कार्रवाई 2013-14 के कार्यान्वकयन को आरंभ करेंगी।

अन्य। मुद्दे

घरेलू संसाधन संग्रहण
घरेलू संसाधन संग्रहण समावेशी विकास और सामाजिक साम्य ता के लिए स्थांयी राजस्वे आधार उपलब्धव कराने साथ ही में सरकारी वित्तों की जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए विकासशील देशों में कर व्यथवस्थााओं और राजस्वं नीतियों के सुदृढ़ीकरण को जारी रखने के लिए अनिवार्य है।

सियोल 2010 शिखर सम्मेयलन में, घरेलू संसाधन संग्रहण को विकास के नौ मुख्य स्तंदभों में शामिल किया गया था। नेताओं ने कर और विकास पर विस्तृवत ओईसीडी कार्यदल, यूएन, अंतरराष्ट्री य मुद्रा कोष, विश्व बैंक और क्षेत्रीय संगठनों जैसे कर प्रशासन के लिए अंतर-अमरिकी केंद्र और अफ्रीकी कर प्रशासन फोरम और अन्यव संबंधित संगठनों की क्षमता निर्माण पर सिफारिशें करने और विकासशील देशों द्वारा उनकी कर प्रणालियों में सामना की गई मुख्य क्षमता बाध्यवताओं की पहचान करने के लिए बैठक बुलाई ताकि (i) कर प्रशासनों की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार करने और (ii) कर आधार को विस्तृ त करने और कर चोरी तथा परिहार से मुकाबला करने की कर नीतियों को मजबूत किया जा सके। कर नीति और प्रशासन प्रणाली में विकासशील देशों की क्षमता को सहायता प्रदान करने के लिए ज्ञान प्रबंधन प्लेथटफार्म का विकास करना और दक्षिणी सहयोग का संवर्धन करना भी मध्याम अवधि लक्ष्यों में था।

जी-20 के अनुमोदन पर प्रतिक्रिया करते हुए कर उद्देश्यों के लिए सूचना की अदला-बदली और पारदर्शिता पर वैश्विकक फोरम द्वारा फरवरी, 2012 में तकनीकी सहायता सहयोग प्ले टफार्म शुरू किया गया ताकि पारदर्शिता और सूचना की अदला-बदली के क्षेत्रों में विकासशील देशों को तकनीकी सहायता के सहयोग को सुसाध्यर बनाया जा सके। प्ले,टफार्म अधिकार क्षेत्रों जो सहायता का अनुमोदन कर रहे होंगे, आईओ और विकास भागीदारों, के बीच पुल के रूप में कार्य करेगा।

किन्तुा इस क्षेत्र में अभी भी कई चुनौतियां हैं। अवैध गतिविधियों और अधोषित आय सहित अवैध वित्तीतय प्रवाहों में वृद्धि राजस्वह प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के बावजूद कई विकासशील देशों के कर आधार में नकारात्माक प्रभाव डाल रही है। अंतरण मूल्यसन भी एक चुनौती बना हुआ है।

ज्ञान साझा करना
विकास अनुभवों को साझा करना, उत्तवर-दक्षिण, दक्षिण-दक्षिण और त्रिकोणीय सहयोग के जरिए सहित, अधिक प्रासंगिक और प्रभावी विकास समाधानों को अपनाने और अनुकूलन में योगदान करता है।

सियोल 2010 में, ज्ञान साझा करने को विकास के नौ मुख्यु स्तं्भों में शामिल किया गया था। जी-20 ने अंतरराष्ट्रीाय संगठनों जैसे यूएन, विश्वण बैंक, ओईसीडी और आरडीबी जो वृद्धि और विकास पर ज्ञान के स्रोतों को सुदृढ़ करने और व्यासपक करने के लिए और ज्ञान साझा की प्रभावशीलता और पहुंच को बढ़ाने के लिए ज्ञान साझा प्ले टफार्म संचालित करते हैं, को प्रोत्सािहित किया।