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लेबर20

लेबर 20 (एल 20) काम कर रहे लोगों की आवाज और हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले जी 20 देशों की ट्रेड यूनियनों के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। कई सालों के लिए इंटरनेशनल ट्रेड यूनियन परिसंघ और ओईसीडी के लिए ट्रेड यूनियन सलाहकार समिति जी 8 और जी 20 शिखर सम्मेसलनों पर श्रमिक नेताओं को एक साथ लाया है। पहला औपचारिक एल 20 शिखर सम्मेलन नवंबर, 2011 में कान जी 20 शिखर सम्मेलन में आयोजित हुआ।


कान एल 20 शिखर सम्मेलन, 2011

पहला कान एल 20 शिखर सम्मेलन निरंतर रूप से चल रहे विश्व वित्तीय और आर्थिक संकट, श्रमिकों और कंपनियों के लिए वैश्विक बाजार में अस्थिरता, बेरोजगारी में वृद्धि और श्रम बाजार में अनिश्चितता की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया था। एल 20 के नेताओं ने जी 20 से कहा कि वे उन प्रमुख मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए मुख्य एजेंडा पर सामाजिक मुद्दों को रखें जिन पर वे सामान्यन दृष्टिक विकसित कर सकते हैं। उन्हों0ने सुझाव दिया कि जी 20 बेरोजगारी को कम करने जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकता देता है। शिखर सम्मेलन में जी 20 नेताओं ने चर्चा में निम्नलिखित मुद्दों पर ध्यान दिया:

  • रोजगार
  • सामाजिक सुरक्षा
  • कार्य संबंधी मौलिक सिद्धांत और अधिकार
  • बहुपक्षीय प्रणाली में सामंजस्य

लॉस काबोस एल 20 शिखर सम्मेलन, जून 2012

  • विकास और रोजगार: एल 20 ने जी 20 के नेताओं से सिफारिश की कि वे सादगी से समावेशी विकास तथा नौकरी सृजन की ओर ध्या्न केंद्रित करें और "लॉस काबोस विकास और नौकरी योजना" कार्यान्वि त करें जिसमें निवेश अवसंरचना, उच्चऔतम विकास वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता देना तथा हरित निवेश को सुविधाजनक बनाना तथा हरित नौकरी सृजन का विकास शामिहल है। इन्होंहने बेरोजगार युवाओं पर विशेष ध्याौन देते हुए शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल, नवीनता तथा कार्यरतकार्यक्रमों में निवेशके लिए सामाजिक सहभागियों के साथ 20 युवा नौकरी समझौते के सृजन का भी सुझाव दिया।
  • वित्तीय वास्तुुकला: विकास-उन्मुोखी यूरोपीय आर्थिक अभिशासन सुधारों के अतिरिक्तप एल 20 ने कम लागत पर आपात उधार देने के संसाधन उपलब्धि कराना, तथा यह सुनिश्चि त करना कि विश्व बैंक जैसे अंतर्राष्ट्री य उधारदाता अच्छी नौकरियों के सृजन को प्राथमिकता देते हैं और उन नीतियों का संवर्धन करते हैं जो रोजगार के प्रभावों को अधिकतम बनाती हैं जिसमें लघु और मध्ययम उद्यमों को उधार देना शामिल है।एल 20 ने अंतराष्ट्रीुय संगठनों के कार्य की पद्धतियों में जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी जोर दिया।
  • वित्तीजय प्रणाली को मजबूत करने और वित्तीदय समावेशन को बढ़ावा: एल 20 नेताओं का यह मत था कि अंतर्राष्ट्री य कर और वित्तीऔय उपभोक्तास संरक्षण पर छाया बैंकिंग, डेरिवेटिव के नियमन, बैंकरों के वेतन और जोखिम प्रबंधन, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों, सट्टा व्याकपार सहयोग के संबंध में सुधारों में तेजी लाने के लिए एक तत्कानल आवश्य्कता है।
  • विकास संसाधन: एल 20 ने सामाजिक सुरक्षा तल (एसपीएफ) का विस्तार करने हेतु विकास के संसाधनों का प्रवाह बढ़ाने के लिए जी 20 से कहा। इससे सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी और सामाजिक न्याय, सभ्य नौकरियों मिलेगा और सामाजिक भागीदारों की भागीदारी में भी वृद्धि होगी।
  • खाद्य सुरक्षा और वस्तु। मूल्य2 अस्थिोरता: एल 20 नेताओं ने सुझाव दिया की जी 20 के सदस्य उन गरीब देशों को सहायता देते हैं जो अनाज और अन्यअ खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से प्रभावित हैं, उन विनायमक व्यानपार और निवेश नीतियों की समीक्षा करते हैं जो खाद्य असुरक्षा को बढ़ा रही हैं और कृषि क्षमता को कम कर रही हैं तथा उन सब्सिंडियों को खत्मज करती हैं जो वर्तमान और भावी खाद्य सुरक्षा को कम करती हैं- जिसमें निर्यात फसलें और जैव ईंधन का उत्पारदन शामिल है। उन्हों ने अटकलों को सीमित करने के लिए कृषि वस्तुज तथा भावी बाजारों में प्रभावी विनियामक तंत्र प्रदान करने की वचनबद्धता पर भी जोर दिया।
  • सतत विकास, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन: जी 20 के नेताओं ने सुझाव दिया है कि जी 20 शिखर सम्मेिलन को सतत विकास पर होने वाले आगामी संयुक्त राष्ट्र् सम्मे लन (रियो+20) में महत्वालकांक्षी योगदान पर सहमत होना चाहिए जो 20-22 जून, 2012 को रियो डी जेनेरियो में जी 20 शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद प्रारंभ हो रहा है तथा जो रोजगार पर एक वैश्वियक पहल शुरू करने पर सहमत है। यह "'सभी के लिए सभ्य काम” के लाभ तक पहुंचने के क्रम में, युवा कार्यकर्ताओं पर विशेष ध्या न देने के साथ-साथ कार्य की नौकरियों को बढ़ावा देगा।
  • अभिशासन और जी 20: एल 20 ने जी 20 से कहा कि वह आईएलओ, आईएमएफ, विश्वय बैंक, डब्यू रू टीओ, ईयूओईसीडी, एफएसबी तथा संबंधित संयुक्तौ राष्ट्रे निकायों की घनिष्टस भागीदारी के साथ राष्ट्री य, क्षेत्रीय तथा वैश्विेक स्त र पर आर्थिक, व्या‍पारिक, सामाजिक तथा पर्यावरण संबंधी नीतियों के सामंजस्यर को बढ़ाए तथा वैश्वि्क नौकरी समझौतों के आईएलओ के मानकों और उद्देश्योंं के साथ अपने विश्ले षणके अनुपालन/संकट और संकट के बाद का आकलन करें।

सेंट पीट्सबर्ग श्रम 20 संगोष्ठी , जुलाई 2013

श्रम जी 20 संगोष्ठी 17 जुलाई, 2013 को मास्कों में आयोजित की गई। इसे एल 20 के साथ मिलकर फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट ट्रेड यूनियन्सठ ऑफ एशिया (एफएनपीआर) और फ्रिडरिक इबर्ट फाउन्डेाशन (एफइएस मास्कोर) द्वारा आयोजित किया गया था। निम्नुलिखित पर चर्चाकी गई: स्थाटयीवत्, हरित व समावेशी वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन और वित्तीलय विनियमन और उनके अंतिम विवरणों पर विचार करनेके लिए जी 20 नेताओं व मंत्रालयों की विवरणी अग्रेषित करना, उन्हेंस विगत व भावी प्रतिबद्धताओं को मूर्त नीतियोंमें परिवर्तित करने के लिए प्रेरित करना।

श्रम 20 संगोष्ठी ने सितंबर में संयुक्तन वित्ते और श्रम मंत्रालय की बैठक और जी 20 नेताओं की बैठक के लिए नीतिगत सिफारिशें और मुख्यग संदेश तैयार किए।