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आईएमएफ के साथ क्षेत्रीय वित्त व्यिवस्था् (आरएफए) तथा सहयोग

आईएमएफ के साथ क्षेत्रीय वित्त व्यिवस्था् (आरएफए) तथा सहयोग



सुरक्षा जाल व्य वस्थारओं के आर्विभाव को मान्यकता देते हुए आईएमएफ के साथ आरएफए विकास और सहकार को आईएफए कार्यकारी समूह के विषय के रूप में 2013 में विचार करने के लिए पुन: स्वीयकार किया गया है। इस कार्य से 2010 और 2011 में आरएफए पर आईएमएफ तथा जी-20 के ध्याानकेंद्रण की उपलब्धिायों में इजाफा होगा। नवम्बकर, 2011 के काल्सफ शिखर सम्मेसलन में नेतागण ''आईएमएफ और आरएफए के बीच सहयोग के सामान्यव सिद्धांतों पर जिनसे संकट निवारण और समाधान प्रयत्ना सुदृढ़ होंगे'', सहमत हुए। इसके अलावा, नेतागण ''वैश्विपक वित्त सुरक्षा जालों जिनमें राष्ट्रीाय सरकारों, केंद्रीय बैंकों, आरएफए और अंतराराष्ट्री य वित्त संस्थावओं में से प्रत्येाक अपने-अपने संबंधित अधिकार के अनुसार और अंतर्गत भूमिका निभाएगा, के अतिरिक्ता सुदृढ़ीकरण पर'' सहमत हुए। यह आशय जून, 2012 में लास केबास में भी दुहराया गया जहां जी-20 के नेतागण ''कारगर वैश्वि क और क्षेत्रीय सुरक्षा जाल तंत्रों के महत्वर को स्वीहकार करते हैं''

चियांग माई पहल बहुपक्षीकरण में हालिया यूरोपीय अनुभवों तथा घटनाक्रमों जैसे ताजा घटनाओं को देखते हुए आरएफए के अतिरिक्त विकास और आईएमएफ के साथ समन्वतयन सुधारने की गुंजाइश को प्रतिबिम्बिित करना सामयिक होगा। अक्तूथबर, 2012 में कोरिया गणराज्य ने एक गैर दस्तािवेज परिपत्रित किया जिसमें यह सुझाव दिया गया था कि 2013 में अगले कार्य का जोर आरएफए से जुड़े चार मसलों पर रहेगा – (1) आरएफए के और अधिक विकास की गुंजाइश तलाशना; (2) आरएफए के बीच नियमित संवाद-व्य वस्थां स्थायपित करना; (3) आईएमएफ और आरएफए के बीच संवर्धित सहकार का निदेशात्मीक मार्गदर्शन मुहैया कराना (जैसे कि ''मार्गदर्शक सिद्धांत) परिवर्धित करके और अधिक व्यरवस्थिंत कार्यरीति की तरफ बढ़ना), और (4) यह पता लगाना कि क्याि आईएमएफ या आरएफए को मध्यंकालिक आईएमएफ और आरएफए संयुक्त एहतियाती अधिकतम ऋण सीमाएं प्रवर्तित करने पर विचार करना चाहिए।