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ऊर्जा और कमोडिटी बाजारों में पारदर्शिता

ऊर्जा और कमोडिटी बाजारों में पारदर्शिता



संयुक्त संगठन डाटा पहल (जेओडीआई) के प्रबल समर्थन और तेल की कीमतों में अस्थिरता और से जिंस बाजार में वित्त्ती0यकरण समकालीन प्रासंगिकता के मुद्दों पर विशेष एजेंसियों के माध्यम से अध्यायन की पहल द्वारा जी -20 में ऊर्जा और कमोडिटी बाजार में बढ़ी पारदर्शिता के मुद्दे का समाधान करने का प्रयास किया गया है।

जेओडीआई-तेल, जेओडीआई-गैस और जेओडीआई-कोयला

संयुक्त संगठन डाटा पहल निर्माता- उपभोक्ता ऊर्जा वार्ता का ठोस नतीजा है। 2001 में शुरू, इस पहल को पहली बार 2009 में जी -20 के पिट्सबर्ग शिखर सम्मेलन में जी -20 के नेताओं का समर्थन प्राप्त हुआ। शिखर सम्मेलन में यह घरेलू क्षमताओं ऊर्जा डेटा एकत्र करने, बेहतर बनाने में ऊर्जा की मांग और आपूर्ति के पूर्वानुमानों में सुधार करने के लिए सहमती बनाई गई। कान शिखर सम्मेलन में जी -20 के नेता एक ही सिद्धांत पर जेओडीआई गैस डेटाबेस पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके अलावा लॉस कैबॉस शिखर सम्मेलन में, विज्ञप्ति में अच्छी तरह से कार्य और पारदर्शी ऊर्जा बाजारों की मांग की गई। नेताओं को भी जेओडीआई तेल की समयबद्धता, संपूर्णता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए काम जारी रखने पर बल दिया है और इस पहल का विस्तार कोयले तक करने का सुझाव भी दिया किया।

एक भलीभांति संचालित विश्व अर्थव्यवस्था के ि‍लए कुशल ऊर्जा और कमोडिटी बाजार की आवश्यकता है। विभिन्न जी -20 के बयान में परिलक्षित एक आम समझ यह है ि‍क अधिक से अधिक पारदर्शिता बाजारों की स्थिरता को सुनिश्चित करेगी। इस समझ के अनुसार, कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता और कीमत रिपोर्टिंग एजेंसियों के कथित बाजार कार्यप्रणाली की घटनाओं में अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा पूछताछ की जा रही है। भौतिक तेल बाजार (जेओडीआई तेल) पर डेटा संग्रह अच्छी तरह से स्थापित और प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है; गैस को इसके विस्तार सौंपा गया है जबकि अन्य संभावित क्षेत्रों पर चर्चा चल रही है।

लॉस कैबोस में नेताओं द्वारा किए गए पारदर्शिता प्रतिबद्धताओं के कार्यान्वयन में लगातार प्रगति ऐसा क्षेत्र हो सकता है जहां जी -20 महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है। इस दिशा में एक अगले कदम के रूप में रूसी प्रेसीडेंसी जेओडीआई तेल लागू करने के अनुभव से सीखने और इस चर्चा के आधार पर बाजार में यथार्थ पारदर्शिता के लिए असली बाधाओं हेतु उपयोगी विचार विमर्श कर रहे पर हैं। जेओडीआई गैस व्यापक समर्थन प्राप्त है और अपने प्रारंभिक संस्करण 2013 के शुरू में आने की संभावना है। इनसे ऊर्जा आँकड़ों और ऊर्जा बाजार की पारदर्शिता में सुधार लाने में जेओडीआई की भूमिका पर काफी प्रगति रिपोर्ट बनाने के लिए एक अच्छा अवसर मिलेगा। भौतिक और वित्तीय बाजारों पर प्रासंगिक डेटा की उपलब्धता और संगतता सुनिश्चित करना भी ऊर्जा बाजार में पारदर्शिता में सुधार लाने के लिए एक संभावित लीवर के रूप में बढाया गया है।

चूंकि जी -20 के एजेंडे में अत्यधिक कीमतों में अस्थिरता के मुद्दे को शामिल किया गया था, ऊर्जा और कमोडिटी बाजार में समझ की कमी और जानकारी के अंतराल में महत्वपूर्ण प्रगति की गई है। इस जांच ने हमारे ज्ञान में बहुत योगदान दिया है। इस काम के लिए जिम्मेदार आईओएस और विशेषज्ञों ने महान सेवा की है, तब भी, अभी तक उनके निष्कर्ष इस समय ज्यादातर शैक्षिक ही हैं। रूसी प्रेसीडेंसी का विश्वायस है ि‍क जांच को अब भविष्य को अधिक परिचालन उपायों के साथ संबोधित करते हुए अतीत की जांच से स्थानांतरित कर फार्वर्ड-लुकिंग लिए करने के लिए एक सही समय है।

इस पारी में पहले कदम के तौर पर, यह आंकलन करने के लिए क्यार संभावित जिंस बाजार में अस्थिरता का अनुमान लगाने में ऐसे सार्थक और व्यावहारिक तरीके हैं जिनका बजट की स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव हो और / अथवा नकारात्मक सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव हो, योग्य विशेषज्ञों और आईओएस को श्‍ाामिल करना होगा। यह उद्देश्यव व्यावहारिक हो सकता है और आम सहमति का आश्यज ऊर्जा और कमोडिटी बाजार में निकट नकारात्मक घटनाक्रम पर अनदेखी पूर्व चेतावनी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और कमोडिटी बाजार में विकास के विशेषज्ञ स्तर पर चर्चा को औपचारिक रूप से लाभप्रद हो सकती है जबकि उनके निष्कर्षों की जी -20 के वित्तीय ट्रैक को रिपोर्ट किया जाए। इस प्रकार ऊर्जा बाजार में स्थिति की जागरूकता में सुधार आए और इसके एजेंडे को सुविधा हो। इसके अलावा, एक दूरंदेशी उन्मुखीकरण से जी -20 विशेष बाजारों के अपने ज्ञान को बेहतर बनाने के लिए बेहतर व्यमवस्थित होगा, और सांख्यिकीय सूचना के सुधार के लिए अधिक स्पष्ट समझ से कहेगा जहां वास्तव में इसकी जरूरत है। इससे जेओडीआई का विस्तार करने के संभावित तरीकों की पहचान करने के लिए एक अच्छा संदर्भ ढांचा मिलेगा जहां इससे मूल्यववृदि संभव हो।

नवम्ब र, 2012 में वित्ता मंत्री और केन्द्री य बैंक गर्वनरों की बैठक में, मंत्रियों ने कृषि बाजार सूचना प्रणाली (एएसआईएस) के कार्यान्वतयन में हुई प्रगति का स्वाबगत किया जिससे कृषि उत्पा दों हेतु भौतिक बाजारों में जेओडीआई-तेल डाटाबेस की विश्वा्सनीयता में सुधार के लिए आईईएफ की सिफारिशों, अंतर्राष्ट्री य गैस और कोयला बाजारों में पारदर्शिता में बढ़ोत्त री पर आईईए, आईईएफ और ओपीआईसी द्वारा तैयार रिपोर्ट, जेओडीआई-गैस डाटाबेस में हुई प्रगति और 2013 में इसमें कार्य प्रणाली की भावी दृष्टि के संबंध में अधिक पारदर्शिता मिलेगी। पुन: फरवरी, 2013 की जी20 वित्ति मंत्रियों की बैठक में मंत्रियों ने अंतर्राष्ट्री य गैस और कोयला बाजारों में पारदर्शिता बढ़ाने हेतु जी20 देशों द्वारा किए जा सकने वाले व्यामवहारिक उपायों के संबंध में आईईए, आईईएफ और ओपीईसी द्वारा रिपोर्ट के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। इसके अलावा, इस वर्ष प्रगति रिपोर्ट के लिए जेओडीआई तेल की समयबद्धता, पूर्वत और विश्वासनीयता में सुधार हेतु कार्य जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध थे। मंत्रियों ने जेओडीआई-गैस डाटाबेस में हुई प्रगति का स्वा्गत किया और 2013में इसके शुभारंभ की कामना की।

तेल के मूल्यों में उतार-चढ़ाव

2011 में जी 20 कैनस शीर्ष अंतिम घोषणा में, जी 20 के नेताओं ने कहा तेल बाजारों के सुचारू संचालन के लिए मूल्य0 रिपोर्टिंग एजेंसियों की भूमिका को स्वीजकारते हुए हम आईईएफ, आईईए और ओपीईसी के सहयोग से आई ओएस पीओ को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने हेतु सिफारिश तैयार करने और 2012 के मध्यप तक हमारे वित्तह मंत्रियों को ओवर साइट करने के लिए कहा'' प्रतिक्रिया में आईओएससीओ ने अक्टू्बर 2012 में तेल मूल्य् रिपोर्टिंग एजेंसियों (पीआरए) हेतु सिद्धांतों पर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की।

नवम्ब्र, 2012 में वित्तस मंत्रियों की बैठक में मंत्रियों ने तेल मूल्य् रिपोर्टिंग एजेंसियों की कार्य प्रणाली में सुधार करने और ओवरसाईट करने की सिफारिशों के संबंध में आईओएससीओ की रिपोर्ट का स्वासगत किया। फरवरी, 2013 में जी 20 वित्तन मंत्रियों की बैठक में मंत्रियों ने पीआरए हेतु सिद्धांतों के कार्यान्वीयन पर आईओएससीओ की प्रगति रिपोर्ट पर आईओएससीओ द्वारा आईईए, आईईएफ और ओपेक के सहयोग से इन सिद्धांतों के भौतिक बाजारों पर प्रभाव के मूल्यांआकन आगे बढ़ने पर सहमति जताई।

जिंस

कान शिखर सम्मेलन, 2011, में नेताओं "श्री हिरोशी नसाको की अध्यक्षता में जिंसों पर जी -20 स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट" शीर्षक उत्पानदों के संबंध में जी -20 अध्ययन समूह की रिपोर्ट का स्वागत किया। उत्पाोदों की कीमतों में अस्थिरता पर जी -20 अध्ययन दल की रिपोर्ट जुलाई 2011 में जी -20 के वित्त डेप्यू टी को प्रस्तुत की गई थी। लॉस कैबोस शिखर सम्मेलन में जी -20 के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए वैश्विक आर्थिक सुधार के महत्व को स्वीकार किया। उन्हों ने सुसंचालित और पारदर्शी भौतिक और वित्तीय वस्तुओं बाजारों और खाद्य सुरक्षा और मजबूत वृद्धि हासिल करने के लिए अत्यधिक कीमतों में अस्थिरता के महत्व पर बल दिया जो टिकाऊ और समावेशी, दोनों है।

नवंबर 2012 में जी -20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक के दौरान, उन्हों ने पारदर्शिता और वित्तीय जिंस बाजार में उचित विनियमन बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, और इस तरह जिंसों संजात बाजार के विनियमन और पर्यवेक्षण के लिए अपने सिद्धांतों के कार्यान्वयन पर आईओएससीओ की रिपोर्ट का स्वागत किया।