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ग्लोबल समुद्री पर्यावरण संरक्षण (जीएमईपी)

ग्लोबल समुद्री पर्यावरण संरक्षण (जीएमईपी)



समुद्री पर्यावरण की वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करना

दुनिया को विश्वसनीय और सस्ती ऊर्जा प्रदान करने के लिए, उत्पादक और हमारे संसाधन आधार के सीमांत क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज और उत्पादन कर रहे हैं। इस प्रकार, शेल्फ पर और गहरे पानी, दोनों में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आ रही है, क्योंेकि उत्पादक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक वृद्धि की सुरक्षा चाहेते हैं। इसी के साथ, ऊर्जा कंपनियों के वाणिज्यिक परिचालन खुलासा करने के लिए समुद्री पर्यावरण का संरक्षण एक प्रमुख नीतिगत प्राथमिकता और शर्त बनी हुई है।

2010 डीपवाटर होरिजन एक्सिडेंट से प्रेरित, जिससें मेक्सिको की खाड़ी में कभी सबसे बड़ा तेल रिसाव हुआ, रूस टोरंटो शिखर सम्मेलन (जून 2010) में वैश्विक समुद्री पर्यावरण संरक्षण पहल (GMEP) का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को आम सहमति से समर्थन मिला। सियोल शिखर सम्मेलन में एक जीएमईपी समूह स्थापित किया गया और पर्यावरण की रक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों के बारे में जानकारी के आदान प्रदान के लिए एक सबसे अच्छा प्रचलन के सृजन का कार्य सौंपा गया।

आम जी -20 आम सहमति के आधार पर, रूसी प्रेसीडेंसी ग्लोबल समुद्री पर्यावरण संरक्षण की पहल के संदर्भ में सर्वोत्तम प्रथाओं साझा करने के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित करना चाहता है जिससे अपतटीय तेल और गैस की खोज से संबंधित दुर्घटनाओं को रोकने में सक्षम तंत्र विकसित हो। इस जीएमईपी सर्वश्रेष्ठ विधि प्रक्रिया को जी -20 देशों, अन्य देशों, और सभी इच्छुक हितधारकों के बीच सहयोग के लिए एक स्वैच्छिक मंच के रूप में देखा जाता है।

2013 में ऊर्जा स्थिरता कार्य समूह इन मुद्दों पर काम करेंगे.

ईएसडब्यू तधाजी की दो बैठकें फरवरी और जून, 2013 में होनी है। उन्हेंश साल भर व्यापक विचार विमर्श से पूरित किया जाएगा। 2013 के अंत तक ईएसडब्यूंग जी निम्न देने की आकांक्षा करती है:

  • अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी और ऊर्जा बाजार के कामकाज में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए जी -20 के योगदान के संबंध में वित्त मंत्रियों की प्रगति रिपोर्ट। रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय गैस और कोयले के बाजार के रूप में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए व्यावहारिक कदम की स्थापना पर आईईए, आईईएफ, ओपेक द्वारा संभावित रिपोर्ट के निष्कर्षों के साथ-साथ पीआरए के कार्यान्वयन के सिद्धांतों पर आईओएससीओ रिपोर्ट को ध्यारन में रखा जाएगा।
  • जिंस बाजार में अस्थिरता की भविष्यवाणी करने के लिए एक ढांचा स्थापित करने के लिए अनुशंसाएँ। उन मामलों में, जहां जो या तो वित्त मंत्रियों की रिपोर्ट के भीतर निहित या बाजार की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए व्यावहारिक उपायों पर एक आत्म - खड़े योगदान के रूप में सृजित हो, जिंस बाजार में अस्थिरता के प्रत्याशित मामलों पर दूरंदेशी परिप्रेक्ष्य कीमत में उतार चढ़ाव का बजट की स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभावहो और / या नकारात्मक सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव हो सकता है।
  • बुनियादी ढांचे में निवेश को प्रोत्साहित और संरचनात्मक नीतियों में हरित विकास और सतत विकास प्राथमिकताओं को एकीकृत करने के लिए कुशल ऊर्जा बाजार विनियमन के लिए सिद्धांतों का मसौदा तैयार करना;
  • जीवाश्म ईंधन सब्सिडी के लिए स्वैच्छिक समकक्ष समीक्षा प्रक्रिया पर प्रणालीगत सिफारिशें तैयार कर, जो जी -20 के उन सदस्यों द्वारा संबोधित हों जो संभवतः देश समीक्षा के साथ- भाग लेने के लिए इच्छु क और तैयार कर रहे हैं।
  • मूल्य-वृद्धि के आकलन सहित जेओडीआई- मूल्य पर प्रगति रिपोर्ट; जेओडीआई गैस के शुभारंभ से पहले प्रारंभिक अवलोकन और सुझाव कि भौतिक और वित्तीय बाजारों के बीच प्रासंगिक डेटा तुलनात्मकता और उपलब्धता के संभावित विचार-विमर्श सहित, डेटा संग्रह में काम में सुधार किस प्रकार किया जाए।
  • जी -20 के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल हरी ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता की नीतियों और प्रबंधन के दृष्टिकोण की सर्वश्रेष्ठऔ विधि डेटाबेस के लिए एक योजना का मसौदा तैयार करना;
  • सर्वोत्तम विधि साझा करने हेतु पहल तंत्र की व्यवस्था शुरू करने के लिए पूरी तरह से परिचालन जीएमईपी वेबसाइट।
  • चयनित ऊर्जा एजेंडे मुद्दों पर कार्य समूह के विचार विमर्श करने के लिए विश्लेषणात्मक समर्थन के एक साधन के रूप में विशेषज्ञ कार्यशालाओं और सेमिनारों के निष्कर्ष, जहां रुबरु कार्य-समूह की बैठकों से जुडे हों।