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ऊर्जा दक्षता और ग्रीन ग्रोथ

ऊर्जा दक्षता और ग्रीन ग्रोथ



स्वाच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता

कान शिखर सम्मेलन के दौरान में जी -20 के नेताओं ने कहा कि वे हरित विकास के लिए क्षमता का अनुकूलन और हमारे देशों और उससे बाहर टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए निम्ना- कार्बन विकास रणनीतियों को बढ़ावा देंगे। नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की "सभी के लिए सतत ऊर्जा" पहल का स्वागत किया।

नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता (सी3ई) प्रौद्योगिकियों के विकास और डिप्लॉीयमेंट का समर्थन किया। नेताओं ने बेहतर नीति बनाने के लिए एक आधार के रूप में इन प्रौद्योगिकियों के डिप्लॉययमेंट के संबंध में देशों की वर्तमान स्थिति और सर्वोत्तम प्रथाओं की जारी विधियों को साझा करने का स्वागत किया। कान में नेताओं ने घोषणा की वे 2012 में रियो डी जनेरियो में सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की सफलता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रूस इस थीसिस का पूरी तरह से समर्थन करता है कि असमानताओं को मजबूत बनाए और नए व्यापार बाधाओं को शुरू किए बिना रोजगार के अवसर पैदा करने एवं जी -20 अर्थव्यवस्थाओं की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने के लिए ऊर्जा बाजार में तकनीकी परिवर्तन को नियोजित किया जाना चाहिए । इस प्रकार, रूस को महत्वपूर्ण हो सी3ई कार्य समूह में मौजूदा बहस को काफी महत्व दिया गया है।

ग्रीन ग्रोथ

मैक्सिकन प्रेसीडेंसी द्वारा विकासशील देशों, विशेष रूप से कम आय वाले देशों में निम्नं कार्बन अर्थव्यवस्थाओं और सतत विकास और गरीबी उन्मूलन को प्राप्त करने के उद्देश्य से जलवायु परिवर्तन के लिए और अधिक लचीला अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने की दिशा में की ओर समावेशी ग्रीन ग्रोथ शुरू की गई थी।

लॉस कैबॉस शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं ने प्रकाश डाला कि समावेशी हरित विकास और सतत विकास नीतियों में दीर्घकालिक समृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए काफी क्षमता है।

2012 नवंबर में अपनी बैठक के दौरान जी -20 के वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों ने सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के परिणाम को ध्यान में रखते हुए, हरित विकास और सतत विकास नीतियों को शामिल करने के अपने प्रयासों पर 2013 में फिर से स्वेच्छा से संरचनात्मक सुधार एजेंडा में आत्म - रिपोर्ट के लिए प्रतिबद्धता जताई (रियो +20)।

जहाँ तक हरित विकास के एजेंडे की बात है तो रूस का विश्वालस है कि "हरी" नीतियों को शुरू करने से, सरकारों उनके द्वारा दिए जाने वाले पर्यावरणीय लाभ के लिए जनता का समर्थन प्राप्त होगा, वरन आर्थिक लाभ भी मिलेगा और वृदिृध और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

रूस का यह भी विचार है कि यह राष्ट्रीय स्तर पर आम सहमति और आर्थिक प्रभाव कैसे हासिल किया जाए सहित हरित विकास नीतियों को लागू करने पर सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान प्रदान करने के लिए सभी देशों के लिए बेहद उपयुक्त है।

उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों के तर्कसंगत उपयोग एक और स्पष्ट नीति जरूरी है। इसका आश्यप हमारी औद्योगिक पदचिह्न को कम करना और टिकाऊ विकास की मांग है। लॉस कैबॉस शिखर सम्मेलन में जी -20 देशों के संरचनात्मक नीतियों और ऊर्जा एजेंडे में स्थिरता और हरित विकास को शामिल करने के लिए भावी माध्येमों की तलाश के लिए स्पष्ट प्रतिबद्धता की है। रूसी प्रेसीडेंसी का उद्देश्या प्रतिबद्धताओं को संबोधित कर निरंतरता सुनिश्चित करना है।

जलवायु परिवर्तन वित्त

कान शिखर सम्मेलन में 28 नवंबर - 9 दिसंबर 2011 - नेताओं ने जलवायु परिवर्तन पर डरबन सम्मेलन की सफलता के लिए प्रतिबद्ध जाहिर की। नेताओं ने कैनकन समझौतों और डरबन में बातचीत के सभी क्षेत्रों में आगे प्रगति के कार्यान्वयन की आवश्यौकता बताई। वे डरबन में एक संतुलित परिणाम के भाग के रूप में ग्रीन क्लाइमेट फंड के संचालन की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

लॉस कैबॉस शिखर सम्मेलन में नेताओं ने जी -20 के एजेंडे के भाग के रूप में और रियो +20 में किए करारों और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन(यूएनएफसीसीसी) के आलोक में समावेशी हरित विकास पर ध्यान बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धता जताई। जोर दिया गया कि यह जलवायु परिवर्तन का विश्व अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव जारी रहेगा और अतिरिक्त कार्रवाई में देरी की हद तक लागत अधिक हो जाएगी। नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के पक्षकारों के 17 वें सम्मेलन के परिणाम का स्वागत किया। नवंबर 2012 में अपनी बैठक के दौरान जी -20 के वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों को प्रभावी ढंग से जलवायु वित्त के लिए संसाधन जुटाने के तरीकों पर जी -20 जलवायु वित्त अध्ययन दल द्वारा प्रगति रिपोर्ट का स्वागत किया।