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कार्य की प्रक्रिया

जी -20 के सदस्यों के बीच अंतक्रिया की प्रक्रिया

2011 से जी -20 के नेताओं की शिखर बैठक सालाना आधार पर आयोजित की जाती है। नेताओं की शिखर बैठक में वित्त ट्रैक और शेरपा के ट्रैक के तहत अंतिम रिपोर्ट और विभिन्न कार्य समूहों की सिफारिशों वाले दस्तावेज़ों, और शेरपा के ट्रैक और मंत्रालय संबंधी मामले नेताओं को प्रस्तुत किए जाते हैं। इन सिफारिशों के आधार पर, नेताओं ने एक घोषणा पत्र या विज्ञप्ति निकाली जिसमें पिछले एक साल में जी -20 के काम में हुई प्रगति, अगले वर्ष में जी -20 डिलिवरेबल्स और इन डिलिवरेबल्स प्राप्त करने के लिए कार्यनीति और कार्य योजना पर प्रकाश डाला गया। इस प्रकार, जी -20 प्रक्रियाओं का अंतिम परिणाम नेताओं की "घोषणा" या "विज्ञप्ति" है। नेताओं की घोषणा वित्त ट्रैक, शेरपाओं ट्रैक और मंत्रिस्तरीय बैठक से दी सूचनाओं के आधार पर शेरपाओं द्वारा तैयार की जाती है।

वित्त ट्रैक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों के संबंध में जानकारी प्रदान करता है। वित्त मंत्रियों (एफएमएस) और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों (सीबीजी) की वर्ष में दो बार बैठक होती है और आईएमएफ विश्व बैंक स्प्रिंग और वार्षिक बैठक के दौरान भी मिलना होता है। एफएमएस और सीबीजी "विज्ञप्ति" के साथ आते हैं जिसमें वे हुई प्रगति और कार्रवाई और भावी कार्यनीति की दिशा का संकेत देते है। वित्त डेप्यूिटी की कई बार बैठक होती है और वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक से पूर्व मुद्दों पर विचार करने और मसौदा विज्ञप्ति को अंतिम रूप देने के लिए इनकी बैठक होती है।

वित्त मंत्रियों और अन्य मंत्रलायों के मंत्रियों,जो विशिष्ट दिए गए विषयों पर कार्य करते हैं, की संयुक्त बैठकें प्रत्येक मंत्रालय के लिए एक बार आयोजित की जाती हैं। उस विषय पर मंत्रिस्तरीय बैठक वित्त मंत्रियों के साथ संयुक्त बैठक से पहले आयोजित की जाती है। मंत्रिस्तरीय बैठक के अंत में एक विज्ञप्ति जारी की जाती है।

शेरपाओं की बैठकें साल में कई बार आयोजित की जाती हैं। शेरपाओं की वित्त डेप्यूतटीज के साथ संयुक्त बैठकें भी होती हैं। शेरपाओं 'ट्रैक राजनीतिक गैर- वित्तीय मुद्दों जैसे कृषि, भ्रष्टाचार विरोधी, विकास, रोजगार, ऊर्जा, हरित विकास आदि पर जानकारी प्रदान करता है। 2008 के बाद से, जी 20 को एहसास हुआ कि वित्तीय स्थिरता सिर्फ एक पहलू था और कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था की बहाली और वृद्धि विकास, , खाद्य सुरक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, वैश्विक व्यापार, और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के मुद्दों पर विचार किए बिना अधूरा थी। जी -20 के शेरपाओं ट्रैक ऐसे मुद्दों पर विचार करने के लिए तैयार किया गया था। शेरपाओं को उनके नेताओं द्वारा उनकी ओर से शिखर सम्मेलनों दस्तावेजों पर वार्ता करने काकार्य सौंपा गया है। वे वर्षभर समय निर्धारण और तैयारी की प्रक्रिया में वार्ता में शामिल रहते हैं एजेंडे में समन्वय बनाने और शीर्ष राजनीतिक स्तर पर एक आम सहमति की मांग पर कार्य करते हैं।

दो ट्रेकों और मिनिस्ट्र ल्स तहत कार्य -समूह और कार्यबल की उनके काम के दौरान और आवश्यकताओं के आधार पर दो या तीन आमने-सामने बैठकें होती हैं। अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए, ये कार्य समूह और कार्यदल मेल और दूर-सम्मे्लन के माध्यम से लगातार इलेक्ट्रॉनिक रूप से अंतक्रिया करते रहते हैं। कार्य समूह की बैठकों और दूर-सम्मेेलन की कार्यवाई की मेजबानी ज्यादातर जी -20 सदस्य देशों द्वारा की जाती है जो इन समूहों और कार्यदलों के सह अध्यक्ष होते हैं।

एजेंडा बनाने की प्रक्रिया

जी -20 के उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सतत विकास हासिल करने के लिए अपने सदस्यों के बीचनीति समन्वय;
  • वित्तीय नियमों को बढ़ावा देना जिससे जोखिम कम हों और भविष्य के वित्तीय संकट समाप्तं हों, और
  • एक नई अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संरचना बनाना।

इन उद्देश्योंक का आम एजेंडा के माध्य म से पालन किया जाता है जो वर्षों से जारी है और जिनका पालन किया जा रहा है। इसके अलावा, हर साल, जी 20 प्रेसीडेंसी का इन व्यापक उद्देश्यों के भीतर अपनी प्राथमिकताओं को तय करने का विशेषाधिकार है। प्राथमिकताओं की घोषणा प्रेसिडेंसी की अध्यिक्षता में की जाती है।इन प्राथमिकताओं को साल में जी 20 की बैठकों में ध्यान केंद्रित कर आकार दिया जाता है।

जी -20 वेबसाइट के रख-रखाव की प्रक्रिया

अध्यक्ष देश का सचिवालय जो दिए गए कार्यकाल के दौरान जी -20 की बैठकों का समन्वय करता है, जी -20 की वेबसाइट पर बैठकें और कार्यक्रम का विवरण प्रदर्शित करता है। वेबसाइट की मेजबानी के अध्यक्ष के साथ बदलता रहता है।